पहली महिला पुलिस और मेगसेसे अवार्ड विजेता किरन बेदी को किसी परिचय की जरूरत नहीं। किरन बेदी अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व और ईमानदारी के लिए विख्यात हैं। किरन बेदी का जन्म 9 जून 1949 को अमृतसर में कन्या लग्न में हुआ। 61 वर्ष की उम्र में भी उनमें वही जज्वा और उर्जा देखनें को मिलती है जो अपने कैरियर के प्रारम्भिक दिनों में देखने को मिलती थी। आजकल उन्होने अपने मंच के माध्यम से भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहीम छेड रखी है। आइए देखतें हैं कि आने वाला समय उनको क्या अपनी मुहीम में सफल बना पाएगा
कन्या लग्न और वृश्चिक राशि की कुण्डली में अनेकों योग देखे जा सकते हैं। लग्न के स्वामी बुध का त्रिकोण में होना योगकारी है जो उनको न सिर्फ वह जज्बा देता है परन्तु उसके कियान्वयन के लिए उर्जा और ज्ञान भी देता है। शुक्र केन्द्र में व्यक्ति को ईन्साफ पसन्द और सफल बनाता है। चन्द्र-मंगल उनको जोश, जुनून और और हक की लडाई लडने की क्षमता देता है।
जून 2010 से उनकी सूर्य की दशा प्रारम्भ हुई है। इससे पहले उनकी शक्तिशाली शुक्र की दशा चल रही थी जिसने उन्हे कई सम्मान और सफलताएं दिलावाई। किरन बेदी का सूर्य वारहवें घर का स्वामी होकर नवम घर में स्थित है। सूर्य स्वयं सरकार का कारक होता है और इसमें कोई आश्चर्य नहीं की सूर्य की दशा शुरू होते ही उनकी भ्रष्टाचार की लडाई सरकार के विरोध में आ ठहरी।
सूर्य योगकारी बुध् और अष्टमेश मंगल के साथ है। साथ ही सूर्य पर शनि की भी बारहवें भाव से दृष्टि है। मंगल और शनि दौनों ही पाप ग्रह हैं और बुरा असर देनें से नहीं चूकते। अत: इस वक्त उन्हे सरकार के विरोध का सामना करना पडेगा। उन्हे सावधान रहना चाहिए अन्यथा मानहानि की भी संभावना है। हांलाकि शनि विपरीत राजयोग बना रहा है जो कि अन्त में सफलता देगी लेकिन शनि अपने स्वाभाव के अनूकूल काफी परेशानी भी देगा।
सूर्य स्वास्थ्य का भी कारक होता है। शनि और मंगल का सूर्य पर प्रभाव स्वास्थ्य हानि भी दर्शाता है। ब्लड प्रेशर और दिल की बिमारी उनको प्रभावित कर सकती हैं और उनको अपने समाजसेवा के कार्य से थोडा अवकाश लेना पड सकता है।
अगस्त 2011 तक उनकी मंगल की अन्तर्दशा चलेगी और यह वक्त उनके िलए बेहद चुनौती पूर्ण रहेगा। उसके बाद राहु की अन्तर्दशा आएगी और वह वक्त उन्हें उनके कार्य और मुहीम में सफलता दिलाएगा। इस समय उन्हे कुछ नए सम्मान भी प्राप्त हो सकते हैं।
चुंकि सूर्य सरकार और सत्ता का कारक भी है अत: वे राजनीति में आने का विचार भी उनके दिमाग में चल रहा होगा। हांलाकि सूर्य की महादशा राजनिती में कुछ विशेष सफलता नहीं दिखाती है अत: बेहतर यही होगा की वे समाज सेवा को ही अपने योगदान का माध्यम बनाएं।