उपविजेता को एक करोड़ रुपये मिलेंगे जबकि सेमीफाइनल में पहुंचने वाली टीमों को 50-50 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। वर्ष 2005 में विजेता टीम को दी जाने वाली पुरस्कार राशि मात्र सात लाख रुपये थी।
गुरुवार को मुंबई में हुई कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अंपायरों के लिए एक उच्चस्तरीय प्रशिक्षण अकादमी खोलने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई।
इसके अलावा, अंपायर अमेश साहेबा और शावीर तारापोर को आईसीसी अंतर्राष्ट्रीय पैनल के लिए नामित किया गया है। आईसीसी अंतर्राष्ट्रीय पैनल में फिलहाल एक भी भारतीय अंपायर नहीं है।
यही नहीं, दूसरे खेलों के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए बोर्ड ने देश में फुटबाल के विकास के लिए अगले दो वर्षो में अखिल भारतीय फुटबाल संघ को 25 करोड़ रुपये की मदद मुहैया कराने का फैसला किया है।
बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग सहित घरेलू मैचों में अंपायरिंग करने वाले अंपायरों को प्रति मैच 7500 रुपये देने का फैसला किया है। इसके अलावा अंपायर कोच और मैच रेफरियों को प्रति दिन 1000 रुपये दिए जाएंगे।
साथ ही साथ, आस्ट्रेलिया में आयोजित 'इमर्जिग प्लेयर्स टूर्नामेंट' जीतने वाली टीम के सदस्यों और सहयोगी स्टाफ को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
(IANS)