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वादा Misc

Piyush

मज़हबी दीवारों के साए में अब पतंगे नहीं उड़तीं
कभी मेरी गली की छतों पर शहर बसा करता था।

वादा Misc

Piyush

जिसे देखो अपना ही दर्द बेचने निकला है
अजीब बाज़ार है कोई खरीदार नहीं दिखता

ज्योतिष लेख