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सलमान खान के "टाइगर" में नहीं होगा दबंगपन Astrology

Pt. Hanumaan mishra

मेष लग्न और कुम्भ राशि में जन्में सलमान खान पर अभी शनि में शुक्र की दशा का प्रभाव अगस्त 2012 तक है। शनि में शुक्र की दशा इन पर जून 2009 से प्रभावी हुई थी।

नाम बदलने से बदलेगा स्टार न्यूज : ज्योतिषीय विश्लेषण Astrology

Hanuman Mishra

न्यूज चैनल्स की लगातार बढ़ती संख्या के बीच स्टार न्यूज का एबीपी न्यूज बन जाना आम दर्शकों को कितना रास आएगा, ये आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन आज की तारीख में चुनावी सीजन न होने के बावजूद एक नारा लोगों के बीच काफी लोकप्रियता बटोर रहा है वो है- ''स्टार न्यूज अब एबीपी न्यूज बन गया और नाम बदलने से कुछ नहीं बदलता''। हो सकता है इस बात में दम हो, लेकिन हम ज्योतिषियों के नजरिए से तो यह एक बहुत बडा बदलाव है।

आपत्तियों के विनाशक ब्रह्म-शिव स्वरूप बटुक भैरवनाथ Astrology

Hanuman Mishra

पौराणिक मान्यता के अनुसार भैरव को स्वयं ब्रह्मदेव का प्रतीक माना गया है। जबकि रूद्राष्टाध्यायी और भैरव तंत्र के अनुसार भैरव जी को भगवान शिव का ही अंशावतार माना गया है। ऐसे में एक शंका का मन में उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

ज्योतिष : हाल के गोचरीय परिवर्तन और उसके प्रभाव Astrology

Hanuman Mishra

गोचरीय परिवर्तनों का सजीव-निर्जीव सब पर असर पडता है। हाल ही में ग्रह गोचर में कूछ परिवर्तन हुए हैं और आने वाले दिनों में कुछ परिवर्तन होने वाले हैं। जीवन में शुभता का समावेश करने वाले ग्रह गुरु बृहस्पति गत २८ अप्रैल से अस्त हो चुके हैं और २८ मई तक अस्त रहेंगे।

हल्दी के प्रयोग से हृदयाघात का खतरा कम Ayurveda

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हल्दी में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स एवं एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण इसके प्रयोग से दिल के ऑपरेशन के बाद पड़ने वाले दौरे का खतरा कम हो जाता है।

Life is good को मिल सकती है सफलता Astrology

पं. हनुमान मिश्रा

"एकता आनंद फ़िल्म" के बैनर तले बनी फ़िल्म “Life is good” बनकर रिलीज होने के लिए तैयार है। इस फ़िल्म का निर्देशन जाने माने चरित्र अभिनेता और निर्देशक अनंत महादेवन ने किया है। इस फ़िल्म के निर्माता आनंद शुक्ला हैं। यदि फ़िल्म की सफलता के पैमाने की बात की जाय तो किसी फ़िल्म की सफलता में फ़िल्म की कहानी, अभिनय और निर्देशन आदि का बडा महत्व होता है। लेकिन यदि ज्योतिषीय नजरिए से देखा जाय तो फ़िल्म के नाम, फ़िल्म

हिमाचल में महाशिवरात्रि पर 200 देवताओं को निमंत्रण Astrology

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मंडी। हिमाचल प्रदेश के 'छोटा काशी' के नाम से मशहूर मंडी में महाशिवरात्रि के उत्सव में शामिल होने के लिए सैकड़ों गांवों के 200 से अधिक देवताओं को निमंत्रण दिया गया है।

पुण्य प्रदायनी माघी पूर्णिमा Astrology

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माघ पूर्णिमा को पृथ्वी का दुर्लभ दिन माना गया है , ब्रह्मवैवर्तपुराण में उल्लेख है कि माघी पूर्णिमा पर स्वयं भगवान नारायण गंगाजल में निवास करतें है । इस पावन घड़ी में कोई गंगाजल का स्पर्शमात्र भी कर दे तो उसे बैकुण्ठ की प्राप्ति होती है ।

अध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण 'माघ' मास Astrology

Hanumaan Mishra

हिन्दू कैलेंडर के ग्यारहवें महीने को माघ कहा जाता है। यह वह समय होता है जब शीतकाल अपने यौवन पर होता है। चारों ओर कडाके की ठंड पड रही होती है। ऐसे मौसम मे ही शाक, फल और वनस्पतियां अमृत तत्व को अपने में सर्वाधिक आकर्षित करती हैं। जब वनस्पतियां ऐसे मौसम का लाभ ले सकती हैं तो मानव इस काम भला पीछे क्यों रहे। ये महीना शरीर को कैलशियम , विटामिन डी और आयरन से पोषित करने का महीना है । इस महीने में सभी त्यौहार तिल , गुड़ से मनाए जाते हैं । उड़द की दाल की खिचड़ी खायी जाती है और पवित्र नदियो में स्नान किया जाता है। माघ स्नान केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। शरीर को मौसम के अनुकूल बनाने में माघ स्नान बहुत अत्यधिक सहायक होता है। माघ के महीने में ठंड अपने चर्मोत्कर्ष पर जाती है और धीरे-धीरे कम होने लगती है और वातावरण में गर्मी का आगमन होने लगता है। ऎसे में ऋतु के परिवर्तन का असर स्वास्थ्य कोई प्रतिकूल प्रभाव न डाले इसलिए नित्य प्रात:काल में स्नान करने से देह को मजबूति प्राप्त होती है और हमारा शरीर आने वाले मौसम के अनुकूल हो जाता है। इस प्रकार इस मौसम में हमें इस बात का बोध होता है कि प्राणि अपने भावों और विचारों को शुद्ध और सात्विक रखे तथा कर्म के प्रति निष्ठावान बना रहे क्योंकि इसी प्रकार के आचरण से ही वह प्रतिकूलताओं से बचा रह सकता है।

मकर संक्रांति से सम्बंधित कुछ विशेष बातें... Astrology

hanuman mishra

रीवा/डभौरा। जब कोई ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में संक्रमण या गमन करता है तो तो उसे संक्रांति कहते हैं। ग्रहों का राजा सूर्य छह मास तक क्रांतिवृत्त से उत्तर की ओर उदय होता है और छह मास तक दक्षिण की ओर निकलता रहता है। प्रत्येक छह मास की अवधि का नाम अयनकाल है। सूर्य के उत्तर की ओर उदय की अवधि को उत्तरायण और दक्षिण की ओर उदय की अवधि को दक्षिणायन कहते हैं।

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