नास्तिक की भी सुनता है भगवान यही है 'ओह माई गॉड' कहानी : फिल्म समीक्षा Entertainment

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बालीवुड में भगवान को लेकर कई फिल्में बनी हैं इस हफ्ते उमेश शुक्ला निर्देशन में बनी फिल्म 'ओह माई गॉड' रिलीज हो गयी है। जो भगवान पर ही आधारित है।

एक स्टार की जिंदगी के उतार-चढाव की कहानी है 'हीरोइन' Entertainment

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मधुर भंडारकर के निर्देशन में बनी फिल्म 'हीरोइन' इस हफ्ते रिलीज होने को तैयार है। 'हीरोइन' एक 'फीमेल ओरियेंटेड' फिल्म है। 'हीरोइन' माही अरोडा नाम की 'हीरोइन' की कहानी है।

शिरीन फरहाद की जोड़ी हो गयी हिट

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बोमन ईरानी और फरहा खान ने साबित कर ही दिया कि चालीस प्लस जोड़ी भी पर्दे पर कमाल दिखा सकती है हम बात कर रहे हैं बोमन और फरहा की फिल्म शिरीन फरहाद की तो निकल पड़ी की। इस फिल्म के जरिये फरहा खान ने एकटिंग के फील्ङ में कदम रखा है। चालीस प्लस जोड़ी होने के बावजूद भी यह फिल्म दर्शको को पंसद आयी है। इस फिल्म में फरहा, बोमन की कॉमेडी और इमोशन भी काफी जबरदस्त दिखेगा। आइये नजर ङालते हैं इस फिल्म की कहानी और अन्य पहलुओं पर।

गोलियां-गालियां के साथ फिर शानदार एक्टिंग गैंग्स ऑफ वासेपुर-2 में : समीक्षा

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अनुराग कश्यप प्रयोगधर्मिता के लिए जाने जाते हैं और गैंग्स ऑफ वासेपुर के एक साथ दो भाग बनाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रयोगधर्मिता दिखा दी।

जिस्म-2 यानी लचर कहानी, कमज़ोर एक्टिंग : समीक्षा

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पूजा भट्ट और महेश भट्ट या तो दर्शकों को बेवकूफ समझते हैं या उन्हें अपनी होशियारी पर हद से ज्यादा भरोसा है। दोनों ही बातें सही हो भी सकती हैं, क्योंकि जिस्म-2 की रिलीज से पहले भट्ट परिवार ने जिस तरह फिल्म के लिए पब्लिसिटी बटोरी और उसके बाद दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर एक उत्सुकता जगी, वो काबिल-ए-तारीफ है।

सेक्स कॉमेडी है 'क्या सुपर कूल है हम' : फिल्म समीक्षा

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एकता कपूर बॉक्स ऑफिस की सेक्स नब्ज को पकड़ चुकी हैं और इस तरह की फिल्में लगातार बना रही हैं। क्या सुपर कूल हैं हम भी इसी तरह की फिल्म है।

पिक्चर बाकी है को बाकी ही रहने दें : समीक्षा

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क्या दिलचस्प संयोग है कि 'मेरे दोस्त पिक्चर अभी बाकी है' की कहानी जिस तरह की है, फिल्म का हश्र भी लगभग वैसा ही हुआ। इस फिल्म को बनने के बाद कई साल डिब्बे में रहना पड़ा और फिल्म की कहानी भी ऐसी ही है कि एक निर्देशक को फिल्म बनाने में कितने तरह के पापड़ बेलने पड़ते हैं और कई बार रुकने के बाद कैसे वह फिल्म बनाता है।

फालतू फिल्म है चलो ड्राइवर : फिल्म समीक्षा

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भी-कभी दर्शकों को बड़ी गुगली झेलनी पड़ती है। किसी फिल्म का प्रोमो बड़ा दिलचस्प दिखायी देता है लेकिन सिनेमाघर के भीतर फिल्म झटके में दर्शकों की सारी उम्मीदों पर पानी फेर देती है।

बच्चों को दिखाएं गट्टू की शैतानियां : फिल्म समीक्षा

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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर चुका नन्हा गट्टू आखिरकार भारतीय दर्शकों से भी प्यार करने सिनेमाघर तक पहुंच गया है। राजन खोसा निर्देशित गट्टू सीधे दिल को छूती है।

हंसने के लिए मसाला है 'बोल बच्चन' में

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निर्देशक रोहित शेट्टी की फिल्म बोल बच्चन के बारे में सबसे पहले एक बात की जा सकती है।

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